(डरी और सहमी-सी आवाज में रिप्लाई आया) "जी हां, लेकिन आप कौन और आपको मेरा यह नंबर कहा से मिला?"
"दरअसल वो ट्रेन... दरअसल वो ट्रेन के डिब्बे में किसी ने आपका नंबर आपके नाम से लिख रखा है। शायद आपका कोई अच्छा दुश्मन या फिर कोई बुरा दोस्त होगा! जो भी हो, मुझे आपसे यह कहना था कि, हो सके तो ये नंबर बदल लीजियेगा या फिर किसी अच्छे से जवाब के साथ तैयार रहिएगा। वैसे अब तक जितने कॉल्स आ गए, आ गए... आज के बाद किसी का नहीं आएगा। क्योंकि यह नंबर मैं डिलीट कर चुका हूं।"
"रेनू जी...! अब मैं फ़ोन रखता हूं। अपना ख्याल रखियेगा।"
तब उसने मुझे बोला कि, "नए-नए अनजाने नंबर और उन पर गंदी और भद्दी बातों की वजह से मैं बहुत परेशान थी। आप जो भी हो, आपने मेरी बहुत बड़ी मदद की है। क्योंकि मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि, ऐसे कॉल क्यों आ रहे है?"
तभी से मुझे एक ओर दिशा मिली और मैं सार्वजनिक स्थानों पर लिखें ऐसे नंबर को मिटाने में लग गया हूं, ताकि किसी ना किसी को तो बचाया जा सके। माना कि, हम किसी बुराई की वजह नहीं है, पर किसी अच्छाई की वजह तो बन ही सकते है।
मेरा आप सभी से निवेदन है कि, अगर आप कही भी इस तरह के नंबर और नाम देखें, तो तुरंत मिटा दो। ताकि एक अनजान खतरों से किसी की बहन-बेटियों की मदद हो सके। एक अकेले के साथ अगर लाखों का साथ मिल जाएगा, तो स्थिती जल्द ही बदलने लगेगी।🙏
(Sanjiv Kumar नामक फेसबुक अकाउंट से ली गयी पोस्ट।)...
https://www.facebook.com/share/p/DwD3U9RahukUUVBg/?mibextid=oFDknk
No comments:
Post a Comment